नासा का आर्टेमिस मिशन | Nasa Artemis Mission in Hindi

What is Nasa Artemis Mission in Hindi

Nasa Artemis Mission in Hindi (नासा का आर्टेमिस मिशन), What is Artemis Mission, Purpose of the Mission, What is Space Launch System, Features of SLS Mega Rocket, इसरो के चंद्र अन्वेषण प्रयास, चंद्र अन्वेषण का इतिहास क्या हैं?

अपोलो 11 मिशन (Apollo 11 mission) से अमेरिका के नील आर्मस्ट्रांग ने 20 जुलाई 1969 को पहली बार चांद की धरती पर कदम रखा था। नासा ने अपने मून मिशन आर्टेमिस II (Artemis II) के लिए अंतरिक्ष यात्रियों को चुना है।

नासा ने, उन चार अंतरिक्ष यात्रियों के नाम बताए है, जो अगले साल के अंत तक चांद का चक्कर लगाकर वापस लौट आएंगे। इन चार अंतरिक्ष यात्रियों में, तीन अमेरिकी जिसमे एक महिला शामिल है और एक कनाडाई शामिल हैं। अपने मून मिशन के लिए पहली बार नासा ने, एक महिला और एक अश्वेत अंतरिक्ष यात्री को चुना है।

What is Nasa Artemis Mission | क्या है आर्टेमिस मिशन

आर्टेमिस मिशन (Acceleration, Reconnection, Turbulence and Electrodynamics of Moon’s Interaction with the Sun : ARTEMIS) चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा शुरू किया गया दूसरा मिशन है। उल्लेखनीय यह है, कि चंद्रमा की सतह पर उतरने वाला पहला मानव मिशन वर्ष 1969 में नासा का ‘अपोलो मिशन’ (Apollo 11) था।

Artemis Mission को नासा का बैक-टू-द-मून प्रोग्राम भी कहा जा रहा है। नासा ने इस ‘मून एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम (चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम)’ का नाम ग्रीक देवता अपोलो की जुड़वां बहन और चंद्रमा की देवी आर्टेमिस के नाम पर रखा है।

आर्टेमिस-1 इस कार्यक्रम का पहला मिशन है, जो एक मानव रहित परीक्षण है। यदि यह सफल होता है, तो आर्टेमिस-2 मिशन लॉन्च किया जाएगा, यह अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की कक्षा में ले जाएगा और फिर वापस आएगा; यह भी सिर्फ एक परीक्षण चरण है। अंततः (2025) आर्टेमिस-3 के जरिए इंसानों को चांद की सतह पर उतारा जाएगा। इस मिशन में नासा के साथ-साथ कनाडा, यूरोप और जापान जैसे अन्य देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां ​​शामिल हैं।

Purpose of the Mission | मिशन का उद्देश्य

इस कार्यक्रम के माध्यम से, नवम्बर 2024 तक मानव को चंद्रमा की सतह पर भेजने का नासा का लक्ष्य है और चंद्रमा पर पहली महिला और पहले अश्वेत व्यक्ति को उतारने के लिए भी यह प्रतिबद्ध है। वैज्ञानिक खोज, आर्थिक लाभों में योगदान देना और नई पीढ़ी के खोजकर्ताओं को प्रेरित करना यह इस मिशन का उद्देश्य है।

इस मिशन के मुख्य वैज्ञानिक उद्देश्य हैं- दीर्घकालिक अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए पानी और अन्य आवश्यक संसाधनों की खोज करना, किसी अन्य खगोलीय पिंड पर कैसे रहना है और मिशन का संचालन कैसे करना है यह सीखना, लंबी अंतरिक्ष यात्रा वाले मिशन जैसे की मंगल मिशन के लिए तकनीक की जाँच करना इत्यादि।

What is Space Launch System | अंतरिक्ष प्रक्षेपण प्रणाली क्या हैं

इस मिशन में स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट है। यह कुछ ही हफ्तों में पृथ्वी से लगभग 2,80,000 मील की दूरी तय करेगा।

SLS रॉकेट सिस्टम को पृथ्वी की निचली कक्षा से ऊपर अंतरिक्ष मिशन के लिए डिज़ाइन किया गया है, यानी यह चालक दल या कार्गो को चंद्रमा और उससे आगे ले जा सकता है। अंतरिक्ष स्टेशन पर डॉक किए बिना, अंतरिक्ष यात्रियों के लिए किसी भी जहाज की तुलना में ओरियन अंतरिक्ष यान अंतरिक्ष में अधिक यात्रा करेगा। क्रॉलर ट्रांसपोर्टर 2 वाहन परिवहन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

Features of SLS Mega Rocket | SLS मेगा रॉकेट की खासियत

Features of SLS Mega Rocket
  • स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS ) दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है।
  • इसके दोनों तरफ 54 मीटर लंबे 2 सॉलिड टॉकेट बूस्टर हैं।
  • इसमें 4 इंजन हैं। ये 61.2 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ओरियन स्पेसक्राफ्ट को अंतरिक्ष में भेजेगा।
  • इसमें 24.4 लाख लीटर लिक्विड हाइड्रोजन और 89 हजार लीटर लिक्विड ऑक्सीजन भी है।
  • SLS रॉकेट को बनाने में 1.35 करोड़ लाख रुपए खर्च हुए हैं।
  • इसकी ऊंचाई 322 फीट है। ये स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ऊंचा है।
  • ये ओरियन स्पेसक्राफ्ट को चांद की ओर भेजने के लिए 40 लाख किलोग्राम का जोर लगाएगा।

Artemis Mission Launch Date | मिशन Artemis II कब तक जाएगा?

नासा के अनुसार, मिशन Artemis II में रीड विस्मैन (Reid Wiseman), विक्टर ग्लोवर (Victor Glover), क्रिस्टीना कोच (Christina Hammock Koch ), और कनाडा के जेरेमी हैनसेन (Jeremy Hansen) ये अंतरिक्ष यात्री (Artemis Mission Astronauts) जायेंगे।

क्रिस्टीना कोच नासा की महिला अंतरिक्ष यात्री हैं, जिनके नाम अंतरिक्ष में सबसे लंबी उड़ान भरने का विश्व रिकॉर्ड है। इनमें से हैनसेन को छोड़कर बाकी सभी अंतरिक्ष यात्री पहले भी अंतरिक्ष में जा चुके हैं। नासा ने इससे पहले 1968 से 1972 तक अपोलो मिशन के दौरान 24 अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजा था।

Artemis Mission Launch Date: कैनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किए जाने वाले रॉकेट की मदद से चारों अंतरिक्ष यात्री दिसंबर 2024 से पहले चांद पर जाएंगे।

Artemis Mission Astronauts

इसरो के चंद्र अन्वेषण प्रयास कौनसे हैं ?

  • चंद्रयान 1: लॉन्च की तारीख: 22 अक्टूबर 2008 (चंद्र जांच मिशन)
  • चंद्रयान 2: लॉन्च की तारीख: 22 जुलाई 2019 (चंद्र अन्वेषण मिशन)- क्रैश लैंडिंग
  • चंद्रयान 3: लॉन्च की तारीख: 14 जुलाई 2023 (2:35 pm IST)

लॉन्च को एक विशिष्ट लॉन्च विंडो (समयरेखा) के दौरान किया जाएगा और सबसे उपयुक्त अवसर जून और जुलाई 2023 के बीच होगा। इस मिशन को भारत के सबसे भारी रॉकेट, लॉन्च व्हीकल मार्क-3 (LVM3) द्वारा अंजाम दिया जाएगा।

उद्देश्य- प्राथमिक उद्देश्य एक सुरक्षित चंद्र लैंडिंग करना और यह सुनिश्चित करना है कि ऑन-बोर्ड रोवर लैंडर से बाहर निकल सके और चंद्रमा के सतह की यात्रा कर सके।

Lunar Exploration History | चंद्र अन्वेषण का इतिहास

साल1959 में, सोवियत संघ का मानवरहित लूना 1 और 2 चंद्रमा पर पहुंचने वाले पहले रोवर बने। 1961 की शुरुआत में, अमेरिका ने लोगों को अंतरिक्ष में भेजने की कोशिश शुरू की थी। आठ साल बाद, 20 जुलाई, 1969 को, नील आर्मस्ट्रांग, एडविन “बज़” एल्ड्रिन के साथ, अपोलो 11 मिशन के हिस्से के रूप में चंद्रमा पर पहला कदम रखने वाले पहले इंसान बने।

अपोलो 11 मिशन को चंद्रमा पर भेजने से पहले संयुक्त राज्य अमेरिका ने 1961 और 1968 के बीच रोबोटिक मिशन के तीन वर्ग भेजे थे। उसके बाद जुलाई 1969 से जुलाई 1972 तक 12 अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर पहुंचे।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने 1990 के दशक में, रोबोटिक मिशन क्लेमेंटाइन और लूनर प्रॉस्पेक्टर के साथ फिर से चंद्र अन्वेषण शुरू किया। 2009 में, संयुक्त राज्य अमेरिका के लूनर रिकोनिसेंस ऑर्बिटर (LRO) और लूनर क्रेटर ऑब्जर्वेशन एंड सेंसिंग सैटेलाइट (LCROSS) के लॉन्च के साथ रोबोट चंद्र मिशन की एक नई श्रृंखला शुरू हुई।

नासा ने साल 2011 में Artemis Mission की शुरुआत की। 2012 में, ग्रेविटी रिकवरी एंड इंटीरियर लेबोरेटरी (GRAIL) अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण का अध्ययन किया। संयुक्त राज्य अमेरिका के अलावा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी, जापान, चीन और भारत ने चंद्रमा का पता लगाने के लिए मिशन भेजे हैं। 2019 में, चीन ने पहली बार चंद्रमा के सुदूर भाग पर दो रोवर उतारे।

आर्टेमिस 1 नामक अंतरिक्ष मिशन किसने लॉन्च किया गया था?

संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने

आर्टेमिस 1 मिशन क्या करने जा रहा है?

आर्टेमिस 1 तेजी से जटिल मिशनों की श्रृंखला में पहला मिशन है जो चंद्रमा और मंगल के मानव अन्वेषण को सक्षम करेगा।

आर्टेमिस 2 मिशन क्या करने जा रहा है?

आर्टेमिस 2 1972 के बाद पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर वापस भेजेगा। लेकिन कोई भी इंसान चंद्र सतह पर पैर नहीं रखेगा। आर्टेमिस 2 वर्तमान में 2024 के अंत में लॉन्च होने के लिए तैयार है।

आर्टेमिस 3 मिशन का उद्देश्य क्या है?

उत्तर: यदि आर्टेमिस II सफल होता है, तो यह 1970 के दशक के बाद से मानव अंतरिक्ष यान में सबसे बड़ी घटना स्थापित करेगा: आर्टेमिस III, एक मिशन जो अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्र सतह पर भेजेगा। यह वर्तमान में दिसंबर 2025 से पहले निर्धारित नहीं है, और नासा ने अभी तक उन अंतरिक्ष यात्रियों का नाम नहीं लिया है जो उस उड़ान में सवार होंगे।

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